हनुमान मंत्र (Hanuman Mantra) — कौन सा मंत्र, किस दिन, कितनी बार

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार सबसे श्रेष्ठ दिन है और शनिवार दूसरा प्रमुख दिन; जाप की मानक संख्या १०८ (एक माला) है। इस पृष्ठ पर प्रमुख हनुमान मंत्र — बीज मंत्र, मूल मंत्र, गायत्री मंत्र, ध्यान श्लोक व रक्षा मंत्र — उनके अर्थ, शुभ दिन, जाप संख्या एवं लाभ सहित दिए गए हैं, साथ ही पूजा विधि व "कितनी बार जाप करें" का सरल मार्गदर्शन।

सर्वश्रेष्ठ दिनमंगलवार (व शनिवार)
सर्वोत्तम समयब्रह्म मुहूर्त / प्रातः
दिशापूर्व की ओर मुख
मालातुलसी या लाल चंदन
जाप संख्या१०८ बार (एक माला)

प्रमुख हनुमान मंत्र — अर्थ, शुभ दिन व जाप संख्या

मंत्र पाठ (Devanagari) अर्थ शुभ दिन जाप लाभ
हनुमान बीज मंत्र ॐ ऐं भ्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः श्रीराम के दूत हनुमान को नमस्कार; शक्ति, एकाग्रता व सर्वसिद्धि देने वाला बीजमंत्र। मंगलवार १०८ बार साहस, भय-नाश, शनि-पीड़ा व बुरी नज़र से रक्षा, मनोकामना पूर्ति
मूल / सरल मंत्र ॐ श्री हनुमते नमः  (व ॐ हं हनुमते नमः) हनुमान जी को प्रणाम; ‘हं’ हनुमान का बीजाक्षर है। मंगल/शनि ११ / १०८ बार बाधा-नाश, बल, आत्मविश्वास व मानसिक शांति
हनुमान गायत्री मंत्र ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥ अंजनीपुत्र वायुपुत्र का ध्यान; वे हमारी बुद्धि को प्रेरित करें। मंगल/शनि १०८ बार भय-नाश, बुद्धि व ज्ञान-वृद्धि, मंगल-शनि दोष शमन
ध्यान श्लोक (रामरक्षास्तोत्र) मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
मन-समान वेगवान, वायु-समान तीव्र, जितेन्द्रिय, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ श्रीराम-दूत की शरण। कोई भी दिन पाठ-पूर्व १ बार एकाग्रता; पाठ/साधना से पूर्व ध्यान हेतु
रुद्र / रक्षा मंत्र ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा रुद्रावतार, शत्रु-संहारक, सर्वरोगनाशक श्रीराम-दूत हनुमान को नमस्कार। मंगल/शनि १०८ बार रोग-मुक्ति, शत्रु पर विजय, संकट में रक्षा
पंचमुखी हनुमान मंत्र ॐ श्री पंचमुख हनुमंते आंजनेयाय नमो नमः पंचमुख स्वरूप अंजनीपुत्र हनुमान को बार-बार नमस्कार। मंगल/शनि ५ माला / दिन भूत-बाधा, नज़र-दोष व तंत्र-बाधा से रक्षा, भय-नाश

नोट: बीज मंत्र का प्रचलित रूप “ॐ ऐं भ्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः” है (कहीं-कहीं ‘भ्रीम’ भी लिखा मिलता है — उच्चारण समान)।

जाप कितनी बार करें?

सामान्य नियम: प्रत्येक मंत्र का जाप कम-से-कम १०८ बार (एक माला) करें — यही मानक संख्या है। समयाभाव में ११ या २१ बार, तथा किसी विशेष कामना/साधना हेतु ४० दिन तक नियमित जप का संकल्प लिया जाता है।

लक्ष्य अनुशंसित संख्या
नित्य / सामान्य जप १०८ बार (एक माला)
सरल मंत्र (समयाभाव में) ११ या २१ बार
विशेष कामना / सिद्धि साधना १००८ बार या ५–११ माला, ४० दिन
पंचमुखी रक्षा साधना न्यूनतम ५ माला रोज़, ४० दिन

हनुमान जी की पूजा किस दिन करें?

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म मंगलवार को हुआ था। शनिवार भी विशेष है — हनुमान जी ने शनिदेव को कष्ट से मुक्त किया था, इसलिए शनि की पीड़ा (साढ़ेसाती व ढैया) से राहत हेतु शनिवार को हनुमान-उपासना की जाती है।

वैसे हनुमान जी की पूजा व मंत्र-जाप प्रतिदिन किया जा सकता है, किंतु मंगल व शनि को इसका फल विशेष माना गया है।

पूजा एवं जाप विधि

ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद स्नान कर, स्वच्छ (लाल/पीले) वस्त्र पहन, पूर्व दिशा की ओर मुख कर हनुमान जी के समक्ष दीप जलाएँ; तुलसी या लाल चंदन की माला से १०८ बार मंत्र जाप करें।

स्वच्छता, संकल्प, ब्रह्मचर्य व इन्द्रिय-संयम तथा सात्त्विक (शाकाहारी) आहार का पालन करें; सिंदूर, लाल पुष्प व गुड़-चने का भोग अर्पित करें। नियमितता आवश्यक है।

लाभ (Benefits)

  • भय, संकट एवं नकारात्मक शक्तियों का नाश
  • साहस, बल, बुद्धि व आत्मविश्वास की वृद्धि
  • शनि व मंगल दोष में शांति
  • रोग-निवारण, शत्रु पर विजय व मनोकामना पूर्ति

संबंधित पाठ एवं संसाधन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी की पूजा किस दिन करें?
मुख्यतः मंगलवार को, क्योंकि यह उनका जन्मदिन माना जाता है; शनिवार भी श्रेष्ठ है क्योंकि इस दिन की पूजा से शनि-पीड़ा में राहत मिलती है। प्रतिदिन भी पूजा कर सकते हैं।
हनुमान मंत्र का जाप कितनी बार करें?
सामान्यतः १०८ बार (एक माला) प्रतिदिन। समयाभाव में ११ या २१ बार, तथा किसी विशेष कामना हेतु १००८ बार या ४० दिन तक नियमित जप करें।
हनुमान बीज मंत्र क्या है?
"ॐ ऐं भ्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः" — यह हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली बीजमंत्र है, जो शक्ति, एकाग्रता, साहस और हनुमान जी की कृपा प्रदान करता है।
हनुमान जी को प्रसन्न करने का मंत्र कौन सा है?
सरलतम व प्रभावी मंत्र "ॐ श्री हनुमते नमः" अथवा "ॐ हं हनुमते नमः" है; मंगलवार को १०८ बार जप तथा हनुमान चालीसा पाठ से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
क्या स्त्रियाँ हनुमान मंत्र का जाप कर सकती हैं?
हाँ, स्त्रियाँ हनुमान मंत्र का जाप व हनुमान चालीसा पाठ कर सकती हैं; मंत्र-जाप पर कोई रोक नहीं है। परंपरा में केवल मूर्ति को सिंदूर अर्पित करने या चरण-स्पर्श जैसे कुछ कर्मकांड से बचने को कहा जाता है, पर मंत्र-स्मरण व पूजा पूर्णतः मान्य है।
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