चालीसा

गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa) 3

गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥जगत जननि, मंगल

सीता चालीसा (Sita Chalisa) 5

सीता चालीसा (Sita Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम,राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥कीरति गाथा जो पढ़ें

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) 6

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद न तुम्हरो

गोपाल चालीसा (Gopal Chalisa) 8

गोपाल चालीसा (Gopal Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥श्री राधापद कमल रज,सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस,सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी।दुष्ट

गिरिराज चालीसा (Giriraj Chalisa) 9

गिरिराज चालीसा (Giriraj Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥बन्दहुँ वीणा वादिनी,धरि गणपति को ध्यान।महाशक्ति राधा सहित,कृष्ण करौ कल्याण॥ सुमिरन करि सब देवगण,गुरु पितु बारम्बार।बरनौ श्रीगिरिराज यश,निज

बालाजी चालीसा (Shri Balaji Chalisa) 11

बालाजी चालीसा (Shri Balaji Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥श्री गुरु चरण चितलाय,के धरें ध्यान हनुमान।बालाजी चालीसा लिखे,दास स्नेही कल्याण॥ विश्व विदित वर दानी,संकट हरण हनुमान।मैंहदीपुर में

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