श्री हनुमान जी की आरती (Hanuman Aarti) — हिंदी में
श्री हनुमान जी की आरती "आरती कीजै हनुमान लला की" भगवान हनुमान की स्तुति में गाई जाने वाली पावन आरती है। नीचे संपूर्ण हनुमान आरती हिंदी में दी गई है, साथ ही इसका महत्व, लाभ और गायन विधि भी। मंगलवार और शनिवार को इसका गायन विशेष फलदायी माना जाता है।
| आरती | आरती कीजै हनुमान लला की |
|---|---|
| देवता | भगवान हनुमान (बजरंगबली) |
| शुभ दिन | मंगलवार और शनिवार |
| अवसर | प्रातः व संध्या आरती, हनुमान जयंती |
हनुमान आरती का महत्व
आरती किसी भी पूजा का समापन-चरण है जिसमें दीप-ज्योति के साथ इष्टदेव की स्तुति की जाती है। हनुमान आरती के गायन से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति-भाव की वृद्धि होती है।
गायन विधि
पूजा अथवा हनुमान चालीसा/सुंदरकांड के पाठ के पश्चात दीप-ज्योति के साथ आरती गाई जाती है। प्रातः व संध्या दोनों समय गायन शुभ है।
लाभ (Benefits)
- पूजा की पूर्णता एवं इष्ट-कृपा की प्राप्ति
- घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा व शांति
- भय-निवारण और मनोबल में वृद्धि
