हनुमान भक्ति — पाठ, स्तोत्र एवं आरती
श्री सिद्धबली बाबा धाम, कोटद्वार भगवान हनुमान को समर्पित प्राचीन सिद्धपीठ है, जहाँ प्रतिदिन हनुमान चालीसा, आरती, सुंदरकांड एवं बजरंग बाण का पाठ होता है। भगवान हनुमान के प्रमुख पाठ, स्तोत्र, आरती तथा ऑडियो-वीडियो संसाधन यहाँ एक स्थान पर दिए गए हैं —
कौन सा पाठ किसलिए?
- हनुमान चालीसा — दैनिक पाठ; बल, बुद्धि, भय-निवारण एवं संकट-नाश हेतु।
- बजरंग बाण — संकट, शत्रु-बाधा व नकारात्मक शक्तियों के शीघ्र निवारण हेतु।
- सुंदरकांड — मनोकामना पूर्ति एवं विघ्न-नाश हेतु, विशेषकर मंगल व शनिवार को।
- हनुमान आरती — पूजा व पाठ के समापन पर दीप-ज्योति के साथ गायन हेतु।
मंदिर समय: प्रतिदिन प्रातः ५:०० — दोपहर २:०० एवं अपराह्न ३:०० — रात्रि ८:००। मंगल आरती प्रातः ५:०० व संध्या आरती सायं ६:३०।