हनुमान भक्ति — पाठ, स्तोत्र एवं आरती

श्री सिद्धबली बाबा धाम, कोटद्वार भगवान हनुमान को समर्पित प्राचीन सिद्धपीठ है, जहाँ प्रतिदिन हनुमान चालीसा, आरती, सुंदरकांड एवं बजरंग बाण का पाठ होता है। भगवान हनुमान के प्रमुख पाठ, स्तोत्र, आरती तथा ऑडियो-वीडियो संसाधन यहाँ एक स्थान पर दिए गए हैं —

श्री हनुमान चालीसा →संपूर्ण पाठ हिंदी में — अर्थ, लाभ व पाठ विधि सहितबजरंग बाण →संकट व शत्रु-बाधा निवारक शीघ्र फलदायी स्तोत्रश्री हनुमान आरती →"आरती कीजै हनुमान लला की" — संपूर्ण आरतीश्री हनुमान सुंदरकांड →रामचरितमानस का पाँचवाँ काण्ड — संकटनाशक पाठसंकट मोचन हनुमान अष्टक →तुलसीदास रचित — संकट व भय निवारक अष्टकहनुमान द्वादश नाम स्तोत्र →हनुमान जी के १२ नाम — यात्रा-रक्षा व भय-नाशहनुमान बाहुक →रोग, वात-पीड़ा व शारीरिक कष्ट निवारक तुलसी-स्तोत्र (४४ छंद)पंचमुखी हनुमान →पाँच मुख, अहिरावण-कथा, ध्यान मंत्र व महत्वहनुमान मंत्र →प्रमुख मंत्र — कौन सा, किस दिन व कितनी बार जपेंहनुमान चालीसा (ऑडियो) →सुनें और साथ-साथ पाठ करेंहनुमान चालीसा (वीडियो) →वीडियो सहित पाठHanuman Chalisa (English) →Roman / English transliterationडाउनलोड / PDF →चालीसा, आरती व अन्य पाठ डाउनलोड करें

कौन सा पाठ किसलिए?

  • हनुमान चालीसा — दैनिक पाठ; बल, बुद्धि, भय-निवारण एवं संकट-नाश हेतु।
  • बजरंग बाण — संकट, शत्रु-बाधा व नकारात्मक शक्तियों के शीघ्र निवारण हेतु।
  • सुंदरकांड — मनोकामना पूर्ति एवं विघ्न-नाश हेतु, विशेषकर मंगल व शनिवार को।
  • हनुमान आरती — पूजा व पाठ के समापन पर दीप-ज्योति के साथ गायन हेतु।
  • हनुमान बाहुक — रोग, वात-व्याधि व शारीरिक पीड़ा के निवारण हेतु।
  • पंचमुखी हनुमान — हर दिशा से रक्षा तथा भूत-बाधा, नज़र-दोष व शत्रु-भय के निवारण हेतु।
  • हनुमान मंत्र — किस दिन, कितनी बार व कौन सा मंत्र जपें — सरल मार्गदर्शन।

मंदिर समय: प्रतिदिन प्रातः ५:०० — दोपहर २:०० एवं अपराह्न ३:०० — रात्रि ८:००। मंगल आरती प्रातः ५:०० व संध्या आरती सायं ६:३०।

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