आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai)

आरती युगलकिशोर की कीजै का सम्पूर्ण हिन्दी पाठ नीचे दिया गया है। भक्त इसका पाठ श्रद्धा और भक्तिभाव से करते हैं।

आरती युगलकिशोर की कीजै (Aarti Shri Yugal Kishoreki Keejai)

आरती युगलकिशोर की कीजै ।
तन मन धन न्योछावर कीजै ॥

गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।
हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥

रवि शशि कोटि बदन की शोभा ।
ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥

ओढ़े नील पीत पट सारी ।
कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥

फूलन सेज फूल की माला ।
रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला ॥

कंचन थार कपूर की बाती ।
हरि आए निर्मल भई छाती ॥

श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी ।
आरती करें सकल नर नारी ॥

नंदनंदन बृजभान किशोरी ।
परमानंद स्वामी अविचल जोरी ॥

सम्बन्धित पाठ

→ श्रीकृष्ण भक्ति — सभी श्रीकृष्ण पाठ और शुभ दिन देखें

→ श्री हनुमान चालीसा — सम्पूर्ण पाठ हिंदी में

श्री सिद्धबली बाबा धाम, कोटद्वार

दर्शन समय: प्रतिदिन प्रातः 5:00 – दोपहर 2:00 तथा अपराह्न 3:00 – रात्रि 8:00

ज्योतिष · ASTROLOGYक्या आपकी कुंडली में राज योग है?Get your FREE Janm Kundli, kundli matching & daily rashifal — and consult expert astrologers online at Astrologics.Free Janm Kundli
Scroll to Top