गंगा चालीसा (Ganga Chalisa)
चालीसासनातन मान्यताओं के अनुसार, गंगा दुनिया की सबसे पवित्रतम नदी है। और गंगा नदी को माँ गंगा के नाम से […]
सनातन मान्यताओं के अनुसार, गंगा दुनिया की सबसे पवित्रतम नदी है। और गंगा नदी को माँ गंगा के नाम से […]
॥ दोहा ॥बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार ।ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार ॥भक्तन को सन्तोष दे
नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,नाथद्वारा सन्मुख होगा,तेरा दर्शन इतना सुन्दर,तू कितना सुन्दर होगा,तू कितना सुन्दर होगा ॥ जनम जनम की
पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया ।पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । निस दिन भज गोपाल प्यारे,मोर मुकुट पीतांबर
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,है रही पायल की झंकार ॥ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,है रही पायल की झंकार ॥ घुंघरू खूब छमा
साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम,अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम,साँसों की
यह स्तुति भगवान शिव द्वारा प्रभु राम के अयोध्या वापस आपने के उपलक्ष्य में गाई गई है। जिसके अंतर्गत सभी
श्री महाकाल ऐसा वरदान दो,गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं,संसार में जब जब जनम मिले,तो महाकाल नगरी में आता रहूं,श्री महाकाल ऐसा
जय हो बाबा विश्वनाथ,जय हो भोले शंकर,सदाशिव आशुतोष,सदाशिव आशुतोष,दानी तू दिगम्बर,जय हों बाबा विश्वनाथ,जय हो भोले शंकर ॥ जिसने भी
भोले बाबा ने पकड़ा हाथ,की रहता हर पल मेरे साथ,अकेला मत समझो,अकेला मत समझो ॥ जबसे इसने अपनाया है,जीने का
मेरे भोले बाबा अर्ज़ी सुनो,मैं तुम्हे मनाने आयी हूँ,मेरी बिगड़ी बना दोगे बाबा,मैं तुम्हे मनाने आयी हूँ,मेरे भोले बाबा अर्ज़ी
हर हर बम बम के नारे से खुश होने वला,ये है डमरू वाला,तन पे है भष्मी रमाये पहने मृग की