श्री सुंदरकांड — ऑडियो (Sunderkand Audio)
इस पृष्ठ पर सम्पूर्ण सुंदरकांड का ऑडियो उपलब्ध है। आप इसे ऑनलाइन सुन सकते हैं अथवा साथ-साथ पाठ कर सकते हैं। सुंदरकांड का पूरा लिखित पाठ नीचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है।
सुंदरकांड — संक्षिप्त परिचय
सुंदरकांड गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस का पाँचवाँ सोपान है। इसमें हनुमान जी की लंका-यात्रा, माता सीता से भेंट, लंका-दहन और श्रीराम के पास लौटने तक का प्रसंग वर्णित है।
रामचरितमानस के सभी कांडों में यह एकमात्र ऐसा कांड है जिसका केन्द्र हनुमान जी का पराक्रम है। इसी कारण इसे स्वतंत्र रूप से भी पढ़ा और सुना जाता है।
सुंदरकांड पाठ की विधि
सुंदरकांड का पाठ प्रायः एक ही बैठक में पूर्ण किया जाता है, जिसमें लगभग दो से तीन घंटे लगते हैं। पाठ से पूर्व हनुमान जी के समक्ष दीपक जलाना उत्तम माना जाता है।
यदि समय की कमी हो तो ऊपर दिया गया ऑडियो सुनते हुए भी पाठ किया जा सकता है। मंगलवार और शनिवार को सुंदरकांड का पाठ विशेष रूप से किया जाता है।
