देवी / दुर्गा भक्ति — चालीसा, आरती व भजन

माँ दुर्गा, काली, महालक्ष्मी, सरस्वती, वैष्णो देवी, संतोषी माता, अन्नपूर्णा, गायत्री एवं अन्य देवी-स्वरूपों को समर्पित चालीसा, आरती व भजन यहाँ एक स्थान पर संगृहीत हैं।

चालीसा (15)

अन्नपूर्णा चालीसा (Annapurna Chalisa) →चालीसागंगा चालीसा (Ganga Chalisa) →चालीसागायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa) →चालीसादुर्गा चालीसा (Durga Chalisa) →चालीसानर्मदा चालीसा – जय जय नर्मदा भवानी (Narmada Chalisa, Jai Jai Jai Narmada Bhawani) →चालीसापार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) →चालीसामाँ काली चालीसा – अरि मद मान मिटावन हारी (Kali Chalisa – Arimad Man Mitawan Hari) →चालीसामाँ महाकाली – जय काली कंकाल मालिनी! (Maa Maha Kali Jai Kali Kankal Malini) →चालीसाविन्ध्येश्वरी चालीसा (Vindhyeshvari Chalisa) →चालीसावैष्णो चालीसा (Vaishno Chalisha) →चालीसाशारदा चालीसा (Sharda Chalisa) →चालीसाश्री महालक्ष्मी चालीसा (Shri Mahalakshmi Chalisa) →चालीसाश्री ललिता चालीसा (Sri Lalita Chalisa) →चालीसासंतोषी माता चालीसा (Santoshi Mata Chalisa) →चालीसासरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa) →चालीसा

आरती (12)

अन्नपूर्णा आरती (Annapurna Aarti) →आरतीअम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती (Maa Durga Maa Kali Aarti) →आरतीअहोई माता आरती (Ahoi Mata Aarti) →आरतीजय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी – आरती (Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri) →आरतीनर्मदा आरती (Narmada Aarti) →आरतीमाँ सरस्वती जी – आरती (Maa Saraswati Ji) →आरतीमाता पार्वती – आरती (Mata Parvati) →आरतीलक्ष्मीजी आरती (Laxmi Mata Aarti) →आरतीविन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani) →आरतीश्री गंगा आरती (Shri Ganga Aarti) →आरतीश्रीदेवीजी की आरती – जगजननी जय! जय (Shri Deviji Ki Aarti – Jaijanani Jai Jai) →आरतीसन्तोषी माता आरती (Santoshi Mata Aarti) →आरती

भजन व स्तुति (11)

माँ की लाल रे चुनरिया: भजन (Maa Ki Laal Re Chunariya) →भजनमाँ रेवा: थारो पानी निर्मल (Maa Rewa: Tharo Pani Nirmal) →भजनमाँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं – भजन (Maa Sharde Kaha Tu Veena Baja Rahi Hain) →भजनमाँ शारदे वंदना, हे शारदे माँ – भजन (Bhajan Maa Sharade Vandana) →भजनमाँ शारदे! हम तो हैं बालक तेरे – भजन (Maa Sharde Ham To Balak Hain Tere) →भजनमाँ सरस्वती वंदना – या कुन्देन्दुतुषारहारधवला (Maa Saraswati Vandana) →भजनमाँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो – भजन (Bhajan: Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do) →भजनवीणा वादिनी, ज्ञान की देवी – भजन (Veena Vadini Gyan Ki Devi) →भजनसरस्वती अमृतवाणी (Saraswati Amritwani) →भजनहे वीणा वादिनी सरस्वती, हंस वाहिनी – भजन (Hey Veena Vadini Saraswati Bhajan) →भजनहे सरस्वती माँ ज्ञान की देवी किरपा करो – भजन (Hey Saraswati Maa Gyan Ki Devi Kirpa Karo) →भजन

शुभ समय: देवी उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय नवरात्रि है; शुक्रवार माँ दुर्गा व लक्ष्मी की पूजा हेतु विशेष शुभ माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

देवी माँ की पूजा कब करें?
नवरात्रि देवी उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय है; शुक्रवार माँ दुर्गा व लक्ष्मी की पूजा हेतु विशेष शुभ माना जाता है।
इस पृष्ठ पर कौन-कौन सी देवी के पाठ हैं?
दुर्गा, काली, महालक्ष्मी, सरस्वती व शारदा, वैष्णो, संतोषी, अन्नपूर्णा, गायत्री, पार्वती, गंगा व नर्मदा सहित अनेक देवी-पाठ।

अन्य देवी-देवता भक्ति

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