भजन

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं - भजन (Maa Sharde Kaha Tu Veena Baja Rahi Hain) 2

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं – भजन (Maa Sharde Kaha Tu Veena Baja Rahi Hain)

भजन

श्लोक:सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा।माँ शारदे कहाँ तू,वीणा बजा रही हैं,किस मंजु ज्ञान से तू,जग को लुभा

बजरंग बाण (Bajrang Baan) 4

बजरंग बाण (Bajrang Baan)

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॥श्री बजरंग बाण पाठ॥॥ दोहा ॥निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करैं सनमान ।तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करैं हनुमान॥॥ चौपाई ॥जय

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