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श्री चित्रगुप्त जी की आरती – श्री विरंचि कुलभूषण (Shri Chitragupt Aarti – Shri Viranchi Kulbhusan)

आरती

श्री विरंचि कुलभूषण,यमपुर के धामी ।पुण्य पाप के लेखक,चित्रगुप्त स्वामी ॥ सीस मुकुट, कानों में कुण्डल,अति सोहे ।श्यामवर्ण शशि सा […]

गौमता आरती (Shri Gaumata Aarti)

आरती

श्री गौमता जी की आरतीआरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनि,अविचल अमल मुक्तिपददायिनि ।सुर

भगवद्‍ गीता आरती (Aarti Shri Bhagwat Geeta)

आरती

जय भगवद् गीते,जय भगवद् गीते ।हरि-हिय-कमल-विहारिणि,सुन्दर सुपुनीते ॥ कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि,कामासक्तिहरा ।तत्त्वज्ञान-विकाशिनि,विद्या ब्रह्म परा ॥जय भगवद् गीते…॥ निश्चल-भक्ति-विधायिनि,निर्मल मलहारी ।शरण-सहस्य-प्रदायिनि,सब विधि सुखकारी

कार्तिकेय आरती (Kartikeya Aarti)

आरती

जय जय आरती वेणु गोपालावेणु गोपाला वेणु लोलापाप विदुरा नवनीत चोरा जय जय आरती वेंकटरमणावेंकटरमणा संकटहरणासीता राम राधे श्याम जय

दत्ताची आरती (Datta Aarti)

आरती

त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥सुरवर मुनिजन योगी समाधी न

अन्नपूर्णा आरती (Annapurna Aarti)

आरती

बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,कहां उसे विश्राम ।अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो,लेत होत सब काम ॥

भैरव आरती (Bhairav Aart)

आरती

॥ श्री भैरव देव जी आरती ॥जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।जय काली और गौर देवी कृत सेवा

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti)

आरती

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, श्री हनुमान जन्मोत्सव और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से वाचन

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