श्री झूलेलाल चालीसा (Shri Jhulelal Chalisa)
चालीसा॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी नंदन ।जयति […]
॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी नंदन ।जयति […]
॥ दोहा ॥श्री गणपति गुरु गौरी पदप्रेम सहित धरि माथ ।चालीसा वंदन करोश्री शिव भैरवनाथ ॥ श्री भैरव संकट हरणमंगल
॥ दोहा ॥विश्वनाथ को सुमिर मन,धर गणेश का ध्यान।भैरव चालीसा रचूं,कृपा करहु भगवान॥ बटुकनाथ भैरव भजू,श्री काली के लाल।छीतरमल पर
॥ दोहा ॥श्री राधे वुषभानुजा,भक्तनि प्राणाधार ।वृन्दाविपिन विहारिणी,प्रानावौ बारम्बार ॥ जैसो तैसो रावरौ,कृष्ण प्रिया सुखधाम ।चरण शरण निज दीजिये,सुन्दर सुखद
॥ दोहा॥श्री गुरु चरणन ध्यान धर,सुमीर सच्चिदानंद ।श्याम चालीसा भजत हूँ,रच चौपाई छंद । ॥ चौपाई ॥श्याम-श्याम भजि बारंबारा ।सहज
श्री सूर्य देव चालीसा ॥॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥
॥ बाबोसा चूरू वाले की आरती ॥देवा बाबोसा चूरू वाले,भक्तो के है रखवाले,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे
आरती युगलकिशोर की कीजै ।तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।हरि का रूप नयन भरि पीजै
श्री कृष्ण जन्माष्टमी मे इस आरती का बड़ा ही महत्व है…आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।॥ श्री
आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… दुर्योधन को मेवा त्यागो,साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन,आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… भिलनी के
जय पार्वती माता,जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ अरिकुल कंटक नासनि,निज सेवक त्राता,जगजननी