सांवेर की धरती – भजन (Sanwer ki Dharti)
भजनसांवेर की धरतीसांवेर की धरती हनुमत साजे, चले है इनकी मर्जीसांवेर की धरती पाताल में जाकर जब बजरंग, अहिरावन राज […]
सांवेर की धरतीसांवेर की धरती हनुमत साजे, चले है इनकी मर्जीसांवेर की धरती पाताल में जाकर जब बजरंग, अहिरावन राज […]
उनकी रेहमत का झूमर सजा है ।मुरलीवाले की महफिल सजी है ॥ मेरी झोली भी सरकार भर दो,अपने सब की
मेरो कान्हा गुलाब को फूल,किशोरी मेरी कुसुम कली ॥मेरो कान्हा गुलाब को फूल,किशोरी मेरी कुसुम कली ॥ कान्हा मेरो नन्द
हरि नाम के रस को पी पीकर,आनंद में जीना सीख लिया,हरी नाम के रस को पी पीकर,आनंद में जीना सीख
जय चित्रगुप्त यमेश तव,शरणागतम् शरणागतम् ।जय पूज्यपद पद्मेश तव,शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय देव देव दयानिधे,जय दीनबन्धु कृपानिधे ।कर्मेश जय धर्मेश
त्योहार सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी व केंद्रीय विद्यालयों, सरस्वती शिशु मंदिर, डी ए वी स्कूल मे गायी जाने वाली लोकप्रिय
नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,नाथद्वारा सन्मुख होगा,तेरा दर्शन इतना सुन्दर,तू कितना सुन्दर होगा,तू कितना सुन्दर होगा ॥ जनम जनम की
पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया ।पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । निस दिन भज गोपाल प्यारे,मोर मुकुट पीतांबर
ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,है रही पायल की झंकार ॥ऐसो रास रच्यो वृन्दावन,है रही पायल की झंकार ॥ घुंघरू खूब छमा
साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम,अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम,साँसों की
यह स्तुति भगवान शिव द्वारा प्रभु राम के अयोध्या वापस आपने के उपलक्ष्य में गाई गई है। जिसके अंतर्गत सभी
श्री महाकाल ऐसा वरदान दो,गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं,संसार में जब जब जनम मिले,तो महाकाल नगरी में आता रहूं,श्री महाकाल ऐसा