चालीसा

सूर्य चालीसा (Surya Chalisa)

चालीसा

श्री सूर्य देव चालीसा ॥॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥

सरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि ।बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि ॥पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित

नर्मदा चालीसा – जय जय नर्मदा भवानी (Narmada Chalisa, Jai Jai Jai Narmada Bhawani)

चालीसा

श्री नर्मदा चालीसा:॥ दोहा॥देवि पूजित, नर्मदा,महिमा बड़ी अपार ।चालीसा वर्णन करत,कवि अरु भक्त उदार॥इनकी सेवा से सदा,मिटते पाप महान ।तट

दुर्गा चालीसा (Durga Chalisa)

चालीसा

◉ नवरात्रि, नवदुर्गा, दुर्गा पूजा, नवरात्रे, गुप्त नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, जगराता, शुक्रवार तथा दुर्गा अष्टमी के शुभ अवसर

शिव चालीसा (Shiv Chalisa)

चालीसा

॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥जय गिरिजा पति दीन

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