बात छोटी है सर को हिला दीजिये – भजन (Baat Choti Hai Sar Ko Hila Dijiye)
भजनबात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला लीजियेबात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला […]
बात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला लीजियेबात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला […]
कहो तो कोरे, कहो तो कोरे कागज परलिख दूं ये एग्रीमेंटमैं हूँ बाबा का सर्वेंट, मैं हूँ बाबा का सर्वेंटमैं
सांवेर की धरतीसांवेर की धरती हनुमत साजे, चले है इनकी मर्जीसांवेर की धरती पाताल में जाकर जब बजरंग, अहिरावन राज
उनकी रेहमत का झूमर सजा है ।मुरलीवाले की महफिल सजी है ॥ मेरी झोली भी सरकार भर दो,अपने सब की
मेरो कान्हा गुलाब को फूल,किशोरी मेरी कुसुम कली ॥मेरो कान्हा गुलाब को फूल,किशोरी मेरी कुसुम कली ॥ कान्हा मेरो नन्द
हरि नाम के रस को पी पीकर,आनंद में जीना सीख लिया,हरी नाम के रस को पी पीकर,आनंद में जीना सीख
॥ दोहा ॥हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥जगत जननि, मंगल
॥ दोहा॥बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम ।अरुण अधर जनु बिम्बफल,नयन कमल अभिराम ॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख,पीताम्बर शुभ
॥ दोहा ॥बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम,राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥कीरति गाथा जो पढ़ें
॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद न तुम्हरो
॥ दोहा ॥जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू,चतुरानन सुखमूल।करहु कृपा निज दास पै,रहहु सदा अनुकूल॥ तुम सृजक ब्रह्माण्ड के,अज विधि घाता नाम।विश्वविधाता
॥ दोहा ॥श्री राधापद कमल रज,सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस,सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी।दुष्ट