माँ शारदे वंदना, हे शारदे माँ – भजन (Bhajan Maa Sharade Vandana)
भजनहे शारदे माँ, हे शारदे माँअज्ञानता से हमें तार दे माँ ।हे शारदे माँ, हे शारदे माँअज्ञानता से हमें तार […]
हे शारदे माँ, हे शारदे माँअज्ञानता से हमें तार दे माँ ।हे शारदे माँ, हे शारदे माँअज्ञानता से हमें तार […]
श्लोक:सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा।माँ शारदे कहाँ तू,वीणा बजा रही हैं,किस मंजु ज्ञान से तू,जग को लुभा
नदी को भारत मे माँ का सम्मान दिया गया है, तथा नर्मदा नदी को माँ रेवा के रूप में भी जाना जाता है। यह
॥श्री बजरंग बाण पाठ॥॥ दोहा ॥निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करैं सनमान ।तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करैं हनुमान॥॥ चौपाई ॥जय
सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल,यशोदा को लाल वो तो नन्द जी को लाल ॥ निकली थी ओढ़ के
केवट ने कहा रघुराई से,उतराई ना लूंगा हे भगवन,उतराई ना लूंगा हे भगवन,केवट ने कहा रघुराईं से,उतराई ना लूंगा हे
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे ।तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे । जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे
अवध में छाई खुशी की बेला,अवध में छाई खुशी की बेला,लगा है, अवध पुरी में मेला । चौदह साल वन
राम नाम आधार जिन्हें,वो जल में राह बनाते हैं,जिन पर कृपा राम करें,वो पत्थर भी तिर जाते हैं ॥ लक्ष्य
जरा चल के अयोध्या जी में देखो,राम सरयू नहाते मिलेंगे ॥ जन्मभूमि पे मंदिर बनेगा,जिसके रखवाले बजरंगबली है,अंजनीलाल अपनी गदा
बात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला लीजियेबात छोटी है सर को हिला दीजियेपाँव अपना प्रभुजी धुला
कहो तो कोरे, कहो तो कोरे कागज परलिख दूं ये एग्रीमेंटमैं हूँ बाबा का सर्वेंट, मैं हूँ बाबा का सर्वेंटमैं