भजन

माँ शारदे कहाँ तू, वीणा बजा रही हैं – भजन (Maa Sharde Kaha Tu Veena Baja Rahi Hain)

भजन

श्लोक:सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा।माँ शारदे कहाँ तू,वीणा बजा रही हैं,किस मंजु ज्ञान से तू,जग को लुभा

बजरंग बाण (Bajrang Baan)

भजन

॥श्री बजरंग बाण पाठ॥॥ दोहा ॥निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करैं सनमान ।तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करैं हनुमान॥॥ चौपाई ॥जय

Scroll to Top